संख्या-cm-366 28/08/2022
पूर्व मंत्री सुबाष सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल हुये मुख्यमंत्री
पटना, 28 अगस्त 2022 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार गोपालगंज जिला के ख्वाजेपुर गांव जाकर पूर्व मंत्री स्व० सुबाष सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने स्व० सुबाष सिंह जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
इस अवसर पर वित्त-सह- संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, सांसद श्री आलोक कुमार सुमन, विधान पार्षद श्री बिरेन्द्र नारायण यादव, पूर्व विधायक श्री मंजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व० सुबाष सिंह से हमारा पुराना सम्पर्क और संबंध था। पिछली सरकार में वे हमारे साथ मंत्री भी थे। अक्सर हमलोगों की मुलाकात होती रहती थी। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी जिसको लेकर हम एक-एक चीज की जानकारी लेते रहते थे, उनका ख्याल रखते थे। वे बीच में लगभग ठीक हो गये थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गयी और उनका निधन हो गया, यह काफी दुखद है। उनके निधन से हमें काफी दुःख हुआ है। हमलोग आज यहाँ उनके परिवार से मिलने आये हैं। दूरभाष पर भी उनके परिवार से बातचीत हुई थी।
नियोजित शिक्षक के पक्ष में अभी भी नहीं दिखती सुशासन सरकार बिहार वन मीडिया/ किरण कुमारी बिहार में पटना हाइकोर्ट ने पिछले मंगलवार यानि 31 octobar 2017 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अब समान काम के लिए समान वेतन लागू होगा। चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने नियोजित शिक्षकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि यह फैसला लागू किया जाना चाहिए नहीं तो इसे संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा। हाइकोर्ट ने नियोजित शिक्षकों की याचिका को सुरक्षित रखते हुए आज इसपर सुनवाई की। कोर्ट ने नियोजित शिक्षकों के समान काम के लिए समान वेतन की याचिका को सही ठहराया है। इस फैसले के बाद शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर राज्य के नियोजिक शिक्षकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मालूम हो कि बिहार के नियोजित शिक्षक अपनी इस मांग को लेकर काफी दिनों से आंदोलनरत थे। कोर्ट के इस फैसले का विभिन्न शिक्षक संघों ने स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत करार दिया है। नियोजित शिक्षकों की ओर से ...
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