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aadhi aawadi ko salam

nari tum anek typo me ho maa patni bahan beti...aadi .....aadi .....

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युवाओ के प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद को शत शत नमन .  12 जनवरी 2013 स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती : राष्ट्रिय युवा दिवस।   युवाओ के सच्चे मार्गदर्शक के रूप में अपने देश को एक देवतुल्य इंसान मिला . इन्हें दार्शनिक , धार्मिक ,स्वप्न दृष्टा  या यो कहे की भारत देश की सांस्कृतिक सभी अवधारणा को समेटने वाले स्वामी विवेकानंद अकेले व असहज इंशान थे .इन्हें एक सच्चा यायावर संयाशी  भी कहा जाता है  हम युवा वर्गे इनकी सच्ची पुष्पांजलि तभी होगी जब हमारे  देश में आपसी द्वेष व गरीबी भाईचारा आदि पर काबू पा लेंगे .हम युवाओ के लिए स्वामी जी हमेशा प्रासंगिक रहेंगे .देश के अन्दर कई जगहों पर इनके नाम पर कई संस्थाए कार्यरत है उनके बिचारो को आम आदमी तक पहुचाने का बीरा हम युवा साथी के कंधो पर है . विश्व के अधिकांश देशों में कोई न कोई दिन युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती , अर्थात १२ जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 ई. को अन्तरराष्ट्रीय...
धरती पर ढ़ेरो आते है यायावर ,पर कुछ ही होते है कर्पूरी जैसे कद्दावर  कल्पना कीजिए कि किसी विधायक के पिता को कोई सामंती डंडे से इतना पीटे कि वह जमीन पर गिर पड़ें और उसके पैरों को पकड़ कर दया की भीख मांगे. लेकिन जब इस घटना की भनक विधायक पुत्र और प्रशासन को लगी होगी तो अंजाम क्या हुआ होगा ? कुछ नहीं ! इतना ही नहीं उस सामंती को सजा दिलाने के बदले खुद वह विधायक असाधारण महानता दिखाते हुए अपने पिता की ओर से सामनती से माफी मांगे . यह घटना जुड़ी है बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर से. बड़े भावुक अंदाज में इस घटना का जिक्र कर्पूरी ठाकुर के बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री रामनाथ ठाकुर सुनाते हुए कहते हैं “बाबू जी ने जिस दिन 1952 में विधानसभा की सीट जीती उस दिन उनके पिता गोकुल ठाकुर जश्न मनाने लगे और देर हो गई. इस कारण वह अपने महाजन (रामनाथ को उस आदमी का नाम याद नहीं) की दाढ़ी बनाने देर से पहुंचे. बस क्या था उस सामंती का क्रोध जाग उठा और उसने मेरे दादा को बेरहमी से पीटा. जब इसकी खबर कर्पूरी बाबू को मिली तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आगाह किया कि वे उनके निजी मामले में न पड़ें, ...

'तेजस' विमान की नींव रखने वाले दरभंगा के वर्मा को मिला पद्म श्री

बिहार वन न्यूज़ डेस्क।  बिहार के दरभंगा के  डॉ मानस बिहारी वर्मा को पद्म श्री अवॉर्ड देने की घोषणा से मिथिलांचलवासी फुले नहीं समां रहे   है। हाल में एयरफोर्स के बेड़े में शामिल 'तेजस' विमान की नींव रखने वाले वैज्ञानिकों में एक वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा भी इसी गांव से हैं।ज्ञात हो कि समस्तीपुर पूसा स्थित डॉक्टर राजेंदर प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आना था। वही उनके खासे मित्र मानस बिहारी वर्मा से भी मिलने कार्यक्रम था। इस क्रम में उनका आदेश था की श्री वर्मा को जानकारी दी जाय की राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे कलाम साहब आपसे मिलना चाहते है। तत्कालीन जिलाधिकारी महोदय दरभंगा में। .......खोजा गया।  तब जाकर दोनों की मुलाकात हुई। दोनों महापुरुषो की मुलाकात का नतीजा हुआ की मिथिलांचल की धरती दरभंगा में पहली वॉर 21 स्कूलों के बच्चे आमने सामने अपने राष्ट्रपति अंकल से प्रत्यक्ष बात किये। आजभीइस दिशा में ऑगस्ट फाउंडेशन कीओरसे कार्यकाल रहा है।      -डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के निकटतम सहयोगी रहे। -2005 में एलसीए के प्रोग्राम डायरेक्टर ...