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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह चंद्रहिया से मोतिहारी तक की आठ किलोमीटर की गांधी स्मृति पदयात्रा की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और गणमान्य लोग भी शामिल थे।

चंपारण सत्याग्रह: गांधी स्मृति पदयात्रा में शामिल हुए सीएम नीतीश, पैदल चले 8kmचंपारण सत्याग्रह: गांधी स्मृति पदयात्रा में शामिल हुए सीएम नीतीश, पैदल चले 8km

 सौ साल पहले इसी दिन महात्मा गांधी के सत्याग्रह के समक्ष अंग्रेजी हुकूमत ने घुटने टेके थे। इस दिन को यादगार बनाने के लिए कई आयोजन किए गए हैं। इसमें सीएम नीतीश ने आज गांधी स्मृति पदयात्रा में चंद्रहिया से मोतिहारी तक 8 किलोमीटर की पदयात्रा की।
 महात्मा गांधी आदेश के उल्लंघन के आरोप में एसडीओ कोर्ट में पेश हुए थे। वहां उनके बयान से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिल गई थी। सौ साल बाद उस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोतिहारी पहुंचे और उन्होंने चंद्रहिया से मोतिहारी तक की पदयात्रा की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, शिक्षामंत्री अशोक चौधरी भी पदयात्रा में शामिल हुए। 
चंद्रहिया से गांधी मैदान तक पदयात्रा 
मुख्यमंत्री ने चंद्रहिया से अपनी पदयात्रा की शुरूआत प्रात: आठ बजे शुरू की। इसके पहले उन्होंने वहां गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा शिलापट्ट का लोकार्पण किया। वहां सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी मुख्यमंत्री नीतीश सहित सभी लोगों ने प्रार्थना सभा में भाग लिया। सीएम ने वहां चंपा के पाैधे का पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री चंद्रहिया से पैदल चलकर मोतिहारी के गांधी मैदान पहुंचे। पदयात्रा में उनके साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। पदयात्रा में सीएम नीतीश के साथ काफी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। सबने मोतिहारी पहुंचकर वहां आयोजित गांधी उद्यान में आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया।
मार्ग की सुरक्षा कड़ी
पदयात्रा के  दौरान चंद्रहिया से मोतिहारी गांधी मैदान तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। इस मार्ग पर सुबह छह बजे से 10 बजे तक वाहनों का परिचालन रोक दिया गया था। लोगों को असुविधा नहीं हो इसके लिए वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं। 
बापू की पेशी का होगा नाट्य रूपांतरण
इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए गांधी मैदान में सभा स्थल पर महात्मा गांधी की पेशी का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जाएगा। सौ साल पहले एसडीओ कोर्ट में पेशी व महात्मा गांधी द्वारा दिए गए बयान की यादें इस कार्यक्रम के माध्यम से ताजा होंगी। मुख्यमंत्री भी सत्याग्रह शताब्दी का संदेश जिलेवासियों को देंगे। साथ ही लेजर शो के माध्यम से सत्याग्रह की जीवंत प्रस्तुति की जाएगी।

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