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पटना 03 दिसंबर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शिक्षा के प्रसार की गति और तेज करने तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज उन्हें चालू वित्त वर्ष से ही देशरत्न राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति दिये जाने की घोषणा की। श्री कुमार ने यहां देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती को मेधा दिवस के रूप में मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा, “आज जब मैं बच्चों को पुरस्कृत कर रहा था तभी एक छात्र ने मुझे कागज का टुकड़ा दिया, जिसे पढ़ने के बाद आज से ही यह फैसला लागू कर दिया कि श्री प्रसाद के नाम पर देशरत्न राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति शुरू की जायेगी।” उन्होंने कहा कि आज जो विद्यार्थी पुरस्कृत हुए हैं उनको वित्त वर्ष 2017-18 से ही इस छात्रवृत्ति का लाभ मिलने लगेगा। राज्य के छात्र-छात्राओं की मेधा ऐसे ही बढ़ती रहे। उन्होंने कहा कि देशभर में नौकरी या उत्कृष्ट संस्थानों में नामांकन के लिए परीक्षा हो, सबसे अधिक संख्या में बिहार के छात्र ही सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उतना बेहतर काम नहीं हुआ है फिर भी बिहार में उत्कृष्ट मेधा है। विद्यार्थियों की मेधा और विकसित हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेधावियों को पुरस्कृत करने का काम तो पहले से ही किया जा रहा है। उन्होंने इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री राहत कोष से कराई थी लेकिन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने कहा कि उनकी वित्तीय स्थिति ठीक है और वर्ष 2010 से ही समिति के द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी तौर पर अनेक काम किये गए। 12.5 प्रतिशत बच्चे जो स्कूलों से बाहर रहते थे उनको लाने के लिए ध्यान केन्द्रित किया गया। उसके बाद मध्य विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए बालिका पोशाक योजना शुरू की गयी। वहीं, नौवीं कक्षा में छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए साइकिल योजना शुरू की गयी। पहले नौवीं कक्षा में लड़कियों की उपस्थिति एक लाख 70 हजार थी जो अब बढ़कर नौ लाख से अधिक हो गयी है।

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