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बिहार के प्रारंभिक, माध्यमिक व प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों

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 बेरोजगारी कि खाई को पटेगा शिक्षक समाज 

 अवनि मिश्रा 
बिहार  के प्रारंभिक, माध्यमिक व प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए फिर से कैंप लगने जा रहा है. 20 मई के बाद शिक्षा विभाग कैंपों का शिडय़ूल जारी कर देगा. सूत्रों के अनुसार , सभी  जिलों में कैंप लगेंगे. विभाग जिलों से अब तक आयी रिक्तियों को शॉर्टलिस्ट कर रहा है. इस बार कैंपों में प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व प्लस टू स्कूलों में रिक्त 1.33 हजार पदों को भरने के लिए नियुक्ति पत्र बांट जायेंगे. प्राइमरी व मिडिल स्कूल के 92925, माध्यमिक स्कूलों के 5904 व प्लस टू स्कूलों के 34259 पदों पर नियुक्ति होगी.
पिछली बार बंटे 33,202 नियुक्तिपत्र : इससे पहले 29 जनवरी से 22 फरवरी तक लगे कैंपों में 33,202 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र दिया जा सका था. पदों के विरुद्ध मेधा सूची में आनेवाले अभ्यर्थियों के नहीं पहुंचने से ये सीटें खाली रह गयी थीं. कैंपों के जरिये प्रारंभिक स्कूलों को 25103, माध्यमिक स्कूलों को 3159 और प्लस टू स्कूलों को 4941 शिक्षक ही मिल पाये थे. शिक्षा विभाग ने फिर से जिलों से प्रारंभिक स्कूलों में हर नियोजन इकाई में अलग-अलग कोटि में विषयवार खाली पदों की संख्या मांगी है.
क्लास छह से आठ तक के प्रखंड शिक्षकों के लिए विषयवार पुरुष और महिला कोटे की खाली सीटों की संख्या और बचे आवेदनों की संख्या मांगी गयी है. इसके अलावा क्लास एक से पांच तक के शिक्षक के लिए नियोजन इकाई और पंचायत स्तर के महिला-पुरुष की अलग-अलग रिक्तियां और बचे आवेदनों की संख्या मांगी गयी है. वहीं, हाइ व प्लस टू स्कूलों में विषयवार रिक्तियां मांगी गयी हैं. हर जिले में किस विषय के कितने पद रिक्त हैं और उन पदों के लिए कितने आवेदन हैं, इसकी रिपोर्ट मांगी गयी है.
सभी आवेदकों को मिल सकता है मौका
इस बार लगने वाले शिक्षक नियुक्ति कैंपों में आवेदन किये हर अभ्यर्थी को मौका मिल सकता है. पिछली बार पद से दस गुना अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार की गयी थी, लेकिन उसमें से भी अभ्यर्थी नहीं पहुंच पाये थे. इस बार विभाग संबंधित नियोजन इकाई में जितने भी आवेदन आये हैं, उनकी मेधा सूची तैयार करने का विचार कर रहा है, ताकि अधिक-से-अधिक पद भरे जा सकें. इसके बाद जो आवेदन बच जायेंगे, उन्हें रद्द किया जा सकता है और अगले चरण में फिर से आवेदन लिये जा सकते हैं. 

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