Skip to main content

primery education ke liye ekjut hue kai desh

राम बालक रॉय
14 नवम्बर 2012
All nine countries efforts for education
सबको शिक्षा के लिए और ठोस प्रयास करेंगे नौ देश
अरोरा सिंह डेल्ही से

 भारत, पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश समेत नौ देशों ने सभी को सामयिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक बार फिर और बेहतर प्रयास का फैसला किया है। उसमें यूनेस्को भी सहयोग करेगा। आगामी दो वर्षो में इन देशों के साझा प्रयासों के नतीजों की समीक्षा पाकिस्तान में होगी।
सबको शिक्षा के लिए दो दशक से अधिक समय से साथ आए भारत, पाकिस्तान, ब्राजील, चीन, मिश्र, इंडोनेशिया, मैक्सिको, बांग्लादेश और नाइजीरिया [ई-9 कंट्रीज] ने बीते आठ नवंबर से दिल्ली में चल रहे सम्मेलन में यह फैसला किया। हालांकि दिल्ली कमिटमेंट [सम्मेलन] में मैक्सिको के प्रतिनिधि शामिल नहीं थे। सम्मेलन के बाद भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू और मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री शशि थरूर के साथ बाकी देशों के शिक्षा मंत्रियों ने दिल्ली कमिटमेंट का एलान किया। पल्लम राजू ने कहा कि सम्मेलन में सभी देशों ने एक-दूसरे से अपने अनुभव बांटे हैं। अपनी प्रगति दर्ज कराई है। अगले दो वर्षों में ये सभी देश कैरिकुलम में सुधार, पाठ्य सामग्री व सीखने-समझने की क्षमता में विकास, समावेशी शिक्षा, सूचना संचार तकनीक के भरपूर उपयोग के साथ ही बच्चों के सीखने-समझने के नियमित आकलन पर जोर देंगे। यूनेस्को भी इसमें नीतिगत सलाह, तकनीक और दूसरे मामलों में भी मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत में पढ़ाई की स्थिति पहले से बहुत बेहतर हुई है। स्कूल से वंचित बच्चों की संख्या घटी है। लड़के-लड़कियों की पढ़ाई के बीच का अंतर घटा है। उत्तर प्रदेश व बिहार में भी स्थिति सुधरी है। थरूर ने कहा कि इस बीच कैरीकुलम में सुधार पर भी काम शुरू हो गया है। पल्लम राजू ने कहा कि ई-9 देशों का अगला सम्मेलन 2014 में पाकिस्तान में होगा।

Comments

Popular posts from this blog

युवाओ के प्रेरणास्रोत: स्वामी विवेकानंद को शत शत नमन .  12 जनवरी 2013 स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती : राष्ट्रिय युवा दिवस।   युवाओ के सच्चे मार्गदर्शक के रूप में अपने देश को एक देवतुल्य इंसान मिला . इन्हें दार्शनिक , धार्मिक ,स्वप्न दृष्टा  या यो कहे की भारत देश की सांस्कृतिक सभी अवधारणा को समेटने वाले स्वामी विवेकानंद अकेले व असहज इंशान थे .इन्हें एक सच्चा यायावर संयाशी  भी कहा जाता है  हम युवा वर्गे इनकी सच्ची पुष्पांजलि तभी होगी जब हमारे  देश में आपसी द्वेष व गरीबी भाईचारा आदि पर काबू पा लेंगे .हम युवाओ के लिए स्वामी जी हमेशा प्रासंगिक रहेंगे .देश के अन्दर कई जगहों पर इनके नाम पर कई संस्थाए कार्यरत है उनके बिचारो को आम आदमी तक पहुचाने का बीरा हम युवा साथी के कंधो पर है . विश्व के अधिकांश देशों में कोई न कोई दिन युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती , अर्थात १२ जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 ई. को अन्तरराष्ट्रीय...
धरती पर ढ़ेरो आते है यायावर ,पर कुछ ही होते है कर्पूरी जैसे कद्दावर  कल्पना कीजिए कि किसी विधायक के पिता को कोई सामंती डंडे से इतना पीटे कि वह जमीन पर गिर पड़ें और उसके पैरों को पकड़ कर दया की भीख मांगे. लेकिन जब इस घटना की भनक विधायक पुत्र और प्रशासन को लगी होगी तो अंजाम क्या हुआ होगा ? कुछ नहीं ! इतना ही नहीं उस सामंती को सजा दिलाने के बदले खुद वह विधायक असाधारण महानता दिखाते हुए अपने पिता की ओर से सामनती से माफी मांगे . यह घटना जुड़ी है बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर से. बड़े भावुक अंदाज में इस घटना का जिक्र कर्पूरी ठाकुर के बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री रामनाथ ठाकुर सुनाते हुए कहते हैं “बाबू जी ने जिस दिन 1952 में विधानसभा की सीट जीती उस दिन उनके पिता गोकुल ठाकुर जश्न मनाने लगे और देर हो गई. इस कारण वह अपने महाजन (रामनाथ को उस आदमी का नाम याद नहीं) की दाढ़ी बनाने देर से पहुंचे. बस क्या था उस सामंती का क्रोध जाग उठा और उसने मेरे दादा को बेरहमी से पीटा. जब इसकी खबर कर्पूरी बाबू को मिली तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आगाह किया कि वे उनके निजी मामले में न पड़ें, ...

'तेजस' विमान की नींव रखने वाले दरभंगा के वर्मा को मिला पद्म श्री

बिहार वन न्यूज़ डेस्क।  बिहार के दरभंगा के  डॉ मानस बिहारी वर्मा को पद्म श्री अवॉर्ड देने की घोषणा से मिथिलांचलवासी फुले नहीं समां रहे   है। हाल में एयरफोर्स के बेड़े में शामिल 'तेजस' विमान की नींव रखने वाले वैज्ञानिकों में एक वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा भी इसी गांव से हैं।ज्ञात हो कि समस्तीपुर पूसा स्थित डॉक्टर राजेंदर प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आना था। वही उनके खासे मित्र मानस बिहारी वर्मा से भी मिलने कार्यक्रम था। इस क्रम में उनका आदेश था की श्री वर्मा को जानकारी दी जाय की राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे कलाम साहब आपसे मिलना चाहते है। तत्कालीन जिलाधिकारी महोदय दरभंगा में। .......खोजा गया।  तब जाकर दोनों की मुलाकात हुई। दोनों महापुरुषो की मुलाकात का नतीजा हुआ की मिथिलांचल की धरती दरभंगा में पहली वॉर 21 स्कूलों के बच्चे आमने सामने अपने राष्ट्रपति अंकल से प्रत्यक्ष बात किये। आजभीइस दिशा में ऑगस्ट फाउंडेशन कीओरसे कार्यकाल रहा है।      -डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के निकटतम सहयोगी रहे। -2005 में एलसीए के प्रोग्राम डायरेक्टर ...