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एशिया सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष विशाखा एन देसाई

 एशिया सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष विशाखा एन देसाईने मजबूत एवं स्वस्थ भारत-अमेरिका रिश्तों को दुनिया के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि भारतीय राजनयिक की गिरफ्तारी पर विवाद के बाद दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाना चाहिए।

विशाखा ने कहा कि सांस्कृतिक गलत धारणाओं से राजनयिक विवाद उत्पन्न हुआ। देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी के नतीजे में रिश्तों में तनाव दिखाता है कि भारत-अमेरिका रिश्ते वास्तव में बहुत गहरे नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत अगले चार माह में नए नेतृत्व में ले जाने वाले - प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीसरे कार्यकाल के लिए खड़ा नहीं होंगे - राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की तैयारी कर रहा है और जब (अमेरिकी) राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम वर्षों में अपनी वैश्विक विरासत के बारे में विचार कर रहे हैं, दोनों देशों के लिए अपने रिश्तों को एक बार फिर से आगे बढ़ाना बुद्धिमानी होगी।’’
विशाखा ने कहा, ‘‘हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है

कि खोबरागड़े घटना की दोनों देशों की प्रतिक्रिया-पूर्ण कार्रवाइयां दोहराई नहीं जाए। दुनिया को दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत और स्वस्थ रिश्ते की जरूरत है।’’ विशाखा ने कहा कि न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के लिए भारतीय मूल के अमेरिकी एटार्नी प्रीत भराड़ा ने देवयानी और भारतीय राजनयिक समुदाय को याद दिलाने की कोशिश की कि अमेरिका में कानून के तहत सभी बराबर हैं।
उन्होंने कहा कि देवयानी की घरेलू नौकरानी संगीता रिचर्ड के आरोपों पर कार्रवाई कर भराड़ा ने कमजोर तब्कों के प्रति सरोकार दिखाया।
एशिया सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय आकलन के अनुसार किसी राजनयिक की सार्वजनिक रूप से गिरफ्तारी और कपड़े उतार कर उसकी जांच भारतीय भावनाओं को सीधे ठेस पहुंचाने वाला है।
विशाखा ने कहा, ‘‘उन्हें जो शिकायत मिली थी, उसके आधार पर खोबरागड़े को आरोपित करने में वह (भराड़ा) साफ तौर पर अपने अधिकारक्षेत्र में थे, लेकिन अगर उन्होंने मुद्दे का वृहद सांस्कृतिक ख्याल रखा होता तो शायद वह अलग तरह से बर्ताव करते।’’ cradit web site

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